भूत का घर




ये कहानी है मध्य प्रदेश के भिंड जिले की जहाँ मेरी फ्रेंड और उसका परिवार रहता था 


 ये कहानी उसने मुझे साल 2015 में सुनाई थी जब हम साथ में पढ़ा करते थे। 
तब वो बहुत परेशान हुआ करती थी क्यूंकि उस समय लगभग हर रोज़ उसके घर में कोई ना कोई घटना हो ही रही थी।
हमारे दोस्तो में भी हर कोई उसकी बातो पर विश्वास नहीं करता था और उसकी बातों को "पब्लिसिटी  स्टंट" कह कर हंसी उड़ाया करते थे ।

मेरी इस सहेली का नाम शिवानी शर्मा है और वो मेरे साथ कॉलेज में पढ़ती थी। साथ रहने के दौरान मुझे ये बात उसने बताई की उसके घर में कुछ अजीब हो रहा है। 
कुछ सालों पहले उसके चाचा जी की ऐक्सिडेंट में मौत हुई थी , उसके कुछ महीनों बाद उनके बेटे की और ऐसे ही घर के कई सदस्यों की मौत ऐक्सिडेंट में ही हो रही थी।

इस बात को कुछ लोग इत्तेफ़ाक़ तो कुछ इसे किसी आत्मा का प्रकोप बता रहे थे , वजह जो भी थी वो शिवानी और उसके परिवार के लिए बहुत ही दुख देने वाली थी।
  • आखिर क्यों हो रहा था ऐसा?

जिस समय उसने मुझे ये बताया था उस समय उसके बड़े भैया का भी ऐक्सिडेंट हुआ था ठीक उसी तरह जैसे घर के बाकी सदस्यों का हुआ था। 
घर में रोना चिल्लाना मच गया था क्योंकि पहले जितनी बार भी ऐसा हुआ रहा , ऐक्सिडेंट हुए इंसान को बचाया नहीं जा सक था।
इस बार भी सब यही सोच रहे थे कि भैया की भी मौत हो जाएगी और बुरा तो और लग रहा था क्योंकि उनके बाद उनकी पत्नी और बच्चों का क्या होता?

 उसके भैया को हॉस्पिटल में 10-12 दिन हो चुके थे और वो ठीक नहीं हो रहे थे, कुछ दिनों बाद वो कुछ बोलने की हालत में हुए और उन्होंने सबको बताया कि रात में जब वो अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे तभी एक बुढ़िया उनकी गाड़ी के सामने आ गई और उसको बचाने के चक्कर में वो खंबे से टकरा के बेहोश हो गए।

अब सवाल आता है, ये बुढ़िया कौन थी? 

ये बुढ़िया उस घर में हुए हर एक एक्सिडेंट के लिए ज़िम्मेदार थी,
शिवानी ने बताया कि उसके घर में होने वाले हर एक एक्सिडेंट से पहले यही बुढ़िया सबको दिखाई दी और कुछ समय बाद उनकी मौत हो जाती थी।

भैया के साथ भी शायद कुछ ऐसा ही होने वाला था। जब लोगों को पता चला तो उन्होंने घर के लोगों को घर छोड़ कर जाने की हिदायत दी , लेकिन उन लोगों की ऐसे हालात नहीं थे कि वो घर छोड़ कर कहीं और बस जाएं।


कुछ दिनों बाद अचानक शिवानी के भाई के शरीर में कुछ हरकत होना ही बंद हो गई। घर से सभी लोग देहशत में आ गए, डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वो कोमा में चले गए है। ये उनके घर वालो के लिए एक और बड़े सदमे से कम नहीं था कि इतनी मौतों के बाद एक बहुत ही कम उम्र के लड़के के साथ ऐसा हो रहा है।
उन्होंने हर संभव उनका इलाज करवाया , मंदिर मस्जिद हर जगह मन्नतें की के वो ठीक होना तो दूर हिल भी नहीं रहे थे।

इस बुढ़िया ने तो उनकी सारी खुशियां ही छीन ली थी। काफी समझाने के बाद घर की कुछ महिलाएं घर छोड़ कर जाने की जिद करने लगी लेकिन पैसों की कमी के चलते शिवानी के पिताजी ऐसा करना नहीं चाहते थे क्योंकि उनके भाइयों के जाने के बाद उनका भी घर वहीं चला रहे थे।

  एक रात जब गर्मी के दिनों में घर की महिलाएं छत पर सोने गई, तो आधी रात के बाद शिवानी की चाची ने एक सपना देखा।
सपने में एक आदमी जिसने सफेद कपड़े पहने थे वो यूं सभी महिलाओ के पास खड़ा कुछ बड़बड़ रहा था। कुछ देर बाद वो देखती है कि एक बूढ़ी अम्मा उस आदमी के पास आ कर यूं सभी सो रही महिलाओं को बच्चो समेत मारने का कहती है।
आदमी कहता है कि वो सब को एक एक कर मार डालेगा और ये कह कर दोनो बहुत ही डरावनी हंसी हसने लगते है।
चाची बहुत ही डर जाती है और जब उनकी नींद खुलती है आस पास कोई नहीं होता।
 उस सपने ने उनको इतना दरा दिया कि उनका गला सूख गया और वो पूरी तरह पसीने में भीग गई। इस घटना वो एक सपना समझ भुला कर वापस सोने की कोशिश करने लगी, लेकिन उनको नींद आने का नाम नहीं ले रही थी, क्योंकि घर में पहले हुई घटनाओं और अभी अभी हुए एक्सिडेंट ने उन्हें इतना डरा दिया था कि वो उसे सपना समझ कर भुला भी नहीं पा रही थी।
जो भी हो, उन्होंने सोच लिया था कि सुबह होते ही ये बात वो सब को बताएंगी और घर को छोड़ कर जाने की बात सब के सामने रखेंगी।
वापस सोने के दौरान उन्हें बहुत ज़ोर की प्यास लगी लेकिन आस पास पानी ना होने के कारण उन्होंने नीचे घर में जाने का मन बनाया। 
चाची डर भी रही थी क्योंकि उन्होंने अभी अभी बहुत ही रौंगटे खड़े कर देने वाला सपना देखा था पर फिर भी उस डर से ज़्यादा तेज उनकी प्यास थी सो वो नीचे जाने लगी। उन्होंने नीचे जा कर पानी पिया और बाहर आ कर वापस छत पे जा ही रही थी कि "अचानक"
वो देखती है कि सपने में देखा हुआ वो आदमी हूबहू वैसा ही छत की सीढ़ियों से नीचे उतर रहा है
 उन्हें काटो तो खून नहीं
उनके पैर वहीं जम गए , डर के कारण वो चिल्ला भी नहीं पा रही थी । वो आदमी उसी तरह नीचे उतार के उनके पास आने लगा । एक बारी उन्होंने कोशिश भी कि की उस आदमी को लगे कि चाची ने उसको देखा नहीं लेकिन वो बराबर उन्हीं को देखे जा रहा था। अब वो बुढ़िया भी उसके पीछे पीछे चलने लगी।
नीचे आ कर दोनो बोलने लगे "ये घर हमारा है, तुम यहां क्यों रहने लगे?"
अपनी खैरियत चाहते हो तो निकाल जाओ ,हम यहां किसी को रहने नहीं देंगे "





सुनते ही उन्हें चक्कर आने लगे , शरीर ढीला पड़ने लगा और देखते ही देखते वो बुढ़िया और आदमी आंखो से ओझल हो गए।
चाची भी बेसुध सी वहीं गिर कर रह गई। सुबह होते ही घर के सदस्यों की नजर यूं पर पड़ी और वो उन्हें अंदर के गए।
पूछने पर उन्होंने रात में हुई सारी घटना बताई। घर के सभी लोगों ने  बात को बहुत ही गंभीरता से लेते हुए घर को छोड़ कर जाने का निर्णय लिया। कुछ घंटो बाद ही हॉस्पिटल में उसके भैया कि भी मौत हो गई जो सिर्फ 36 वर्ष के थे।
घर के हर एक सदस्य को गहरा सदमा लगा था क्योंकि कुछ ही सालों में उनके घर में 5 मौते बिल्कुल एक ही जैसे रहस्यमई तरीके से हुई थी।
इस घटना के बाद उन्होंने वो घर छोड़ दिया और कहीं और जा कर बस गए। 
 घर आज 5 साल बाद बिल्कुल वीरान पड़ा है, उसकी तरफ कोई देखने से भी डरता है।

(ये कहानी बिल्कुल सत्य है, इस पर ज़रा भी संदेह  करें, शिवानी के परिवार के साथ जो हुआ उस पर आज भी कई लोग यकीन नहीं करते लेकिन ये बात भी सत्य है कि जिस पर बात आती है वहीं जनता है।)
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धन्यवाद, मिलते है अगली कहानी में। 

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